Volvo ex90 की पिछली इलेक्ट्रिक कारों, खासकर EX30 और volvo EX90, को लेकर काफी चर्चा हुई थी। लॉन्च के समय इनमें कई सॉफ्टवेयर से जुड़ी दिक्कतें सामने आईं—स्क्रीन हैंग होना, कीलेस एंट्री में गड़बड़ी और कुछ मामलों में पावर लॉस जैसी समस्याएं। इसी अनुभव के बाद कंपनी अपनी अगली बड़ी इलेक्ट्रिक SUV को ज्यादा संभलकर पेश करना चाहती है। यही वजह है कि अब सारी नजरें Volvo EX60 पर टिकी हैं, जिसे कंपनी ज्यादा स्थिर और भरोसेमंद बनाने का दावा कर रही है।

Volvo EX60 और Volvo EX90 का नया सॉफ्टवेयर तरीका
आज की कारें सिर्फ मैकेनिकल मशीन नहीं रहीं, बल्कि कंप्यूटर सिस्टम पर चलने वाली गाड़ियां बन चुकी हैं। इन्हें “software-defined vehicles” कहा जाता है। इसमें कार का ज्यादातर काम सॉफ्टवेयर से कंट्रोल होता है—चाहे ब्रेकिंग हो, इंफोटेनमेंट सिस्टम हो या ड्राइविंग असिस्ट फीचर।
Volvo का कहना है कि EX30 और EX90 उसके पहले ऐसे मॉडल थे जिनमें पूरी तरह यह नया सिस्टम अपनाया गया। शुरुआत में परेशानी आना स्वाभाविक था। अब Volvo EX60 उसी बेस सॉफ्टवेयर पर बनेगी, लेकिन पहले से ज्यादा पकी हुई तकनीक के साथ। यानी कंपनी को उम्मीद है कि जो गलतियां पहले हुईं, उनसे सीख लेकर इस बार बेहतर अनुभव दिया जाएगा।
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पिछली गलतियों से क्या सीखा गया
Volvo EX90 के शुरुआती ग्राहकों को कई अपडेट का इंतजार करना पड़ा। ओवर-द-एयर अपडेट से बग ठीक किए गए, लेकिन तब तक ब्रांड की छवि पर असर पड़ा। कंपनी के CEO का मानना है कि सबसे मुश्किल काम था कोर सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म तैयार करना। अब वह प्लेटफॉर्म तैयार है, इसलिए अगली कार में दिक्कतें कम होंगी।
यह बात सिर्फ Volvo तक सीमित नहीं है। दुनिया भर में कई ब्रांड पहली बार software-defined गाड़ियां ला रहे हैं। ऐसे में EV News 2026 और Electric Vehicle News India में भी यही चर्चा है कि नई टेक्नोलॉजी के साथ धैर्य रखना जरूरी है।
Volvo EX60 से ग्राहकों को क्या उम्मीद रखनी चाहिए
कंपनी का दावा है कि इस बार हार्डवेयर से ज्यादा ध्यान सॉफ्टवेयर की स्थिरता पर दिया गया है। इसका मतलब यह नहीं कि सब कुछ परफेक्ट होगा, लेकिन पिछली बार जितनी बड़ी दिक्कतें आई थीं, वैसी उम्मीद नहीं की जा रही।

अगर इसे भारत के संदर्भ में देखें तो यहां लोग अब भारत में इलेक्ट्रिक कार को लेकर ज्यादा जागरूक हो रहे हैं। EV Charging Infrastructure India भी धीरे-धीरे बेहतर हो रहा है। ऐसे में नई इलेक्ट्रिक SUV से उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।
सॉफ्टवेयर-डिफाइंड गाड़ियां क्यों जरूरी हैं
पुरानी कारों में अलग-अलग सप्लायर अलग सिस्टम बनाते थे—एक ब्रेक के लिए, दूसरा इंफोटेनमेंट के लिए, तीसरा सेफ्टी के लिए। ये सिस्टम आपस में ठीक से बात नहीं कर पाते थे। नई तकनीक में सब कुछ एक सेंट्रल कंप्यूटर से कंट्रोल होता है। इससे फीचर जोड़ना आसान होता है और अपडेट भी जल्दी मिलते हैं।

यही वजह है कि Upcoming EV Cars 2026 और Upcoming EV SUVs 2026 में ज्यादातर मॉडल इसी रास्ते पर जा रहे हैं। Tesla और Rivian पहले ही यह कर चुके हैं, अब बाकी कंपनियां भी इसी दिशा में बढ़ रही हैं।
भारत में इसका क्या मतलब है
भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की चर्चा अब सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है। Affordable EV in India और सरकारी ईवी योजना जैसे मुद्दे आम लोगों की बातचीत का हिस्सा बन रहे हैं। अगर Volvo जैसी कंपनी अपनी टेक्नोलॉजी सुधारती है, तो इसका असर पूरे बाजार पर पड़ता है।
आज लोग सिर्फ डिजाइन नहीं देखते, बल्कि ईवी बैटरी रेंज, चार्जिंग की सुविधा और सॉफ्टवेयर के भरोसेमंद होने पर भी ध्यान देते हैं। यही कारण है कि इलेक्ट्रिक वाहन समाचार और इलेक्ट्रिक व्हीकल अपडेट में अब टेक्नोलॉजी पर ज्यादा जोर दिया जाता है, सिर्फ स्पीड या लुक्स पर नहीं।
क्या Volvo सच में सुधर पाएगी?
यह सवाल सबसे अहम है। हर कंपनी कहती है कि अब सब ठीक हो गया है। लेकिन कार की असली परीक्षा तब होती है जब वह सड़क पर उतरती है। Volvo EX60 के मामले में इतना जरूर कहा जा सकता है कि कंपनी अब पहली बार यह काम नहीं कर रही। पहले दो मॉडल में जो सीख मिली, वह अब काम आएगी।
अगर आप नई तकनीक अपनाने में सहज हैं और थोड़ा इंतजार कर सकते हैं, तो ऐसी गाड़ियों पर नजर रखना बुरा नहीं। लेकिन अगर आप बिल्कुल बिना दिक्कत वाली कार चाहते हैं, तो बेहतर होगा कि किसी नए मॉडल के लॉन्च के बाद कुछ समय रुकें।
आने वाले समय में ट्रेंड
भविष्य में EV Battery Technology 2026 और सॉफ्टवेयर अपडेट कारों को मोबाइल फोन की तरह बना देंगे। जैसे फोन में हर कुछ महीने में नया अपडेट आता है, वैसे ही कारों में भी नए फीचर जुड़ते जाएंगे।
साथ ही, New Electric Scooter Launch 2026 और नई इलेक्ट्रिक बाइक जैसे सेगमेंट में भी यही तकनीक धीरे-धीरे आ रही है। यानी सिर्फ महंगी SUVs ही नहीं, बल्कि आम लोगों की गाड़ियां भी स्मार्ट होती जाएंगी।
निष्कर्ष
Volvo EX90 की पिछली इलेक्ट्रिक कारों ने यह दिखा दिया कि नई तकनीक लाना आसान नहीं है। लेकिन उसी अनुभव से कंपनी ने काफी कुछ सीखा है। Volvo EX60 एक तरह से उस सीख का अगला कदम है। यह पूरी तरह साबित होगा या नहीं, यह तो लॉन्च के बाद ही पता चलेगा। फिलहाल इतना कहा जा सकता है कि Volvo अब ज्यादा सावधानी और तैयारी के साथ आगे बढ़ रही है। अगर आप नई इलेक्ट्रिक SUV लेने की सोच रहे हैं, तो यह मॉडल देखने लायक जरूर रहेगा, लेकिन धैर्य रखना भी जरूरी है।
FAQs
Q1: Is Volvo EX60 expected to solve software issues faced by Volvo EX90?
हाँ, कंपनी का कहना है कि इस मॉडल में वही सॉफ्टवेयर बेस इस्तेमाल होगा, लेकिन ज्यादा स्थिर और बेहतर टेस्टिंग के साथ, ताकि पिछली समस्याएं दोबारा न हों।
Q2: How is Volvo EX60 relevant for Indian EV buyers?
भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ी भारत बाजार तेजी से बढ़ रहा है। बेहतर सॉफ्टवेयर और सेफ्टी फीचर वाली SUV से प्रीमियम सेगमेंट में भरोसा बढ़ सकता है।
Q3: What does software-defined vehicle mean for daily users?
इसका मतलब है कि कार समय-समय पर अपडेट होकर नई सुविधाएं पा सकती है और छोटी-मोटी दिक्कतें सर्विस सेंटर गए बिना ठीक हो सकती हैं।
Q4: Should buyers wait before purchasing Volvo EX60?
अगर आप नई टेक्नोलॉजी अपनाने में सहज हैं तो खरीद सकते हैं, लेकिन अगर आप बिल्कुल परेशानी नहीं चाहते तो कुछ महीने इंतजार करना समझदारी होगी।
