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भारत सरकार की महत्वाकांक्षी PM E-Drive (Electric Drive Revolution in Innovative Vehicle Enhancement) योजना अब अपने अंतिम चरण में है। ₹10,900 करोड़ की इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर मिलने वाली सब्सिडी 31 जुलाई 2026 को समाप्त हो जाएगी। अगर आप इलेक्ट्रिक स्कूटर या मोटरसाइकिल खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह आपके लिए बेहद जरूरी खबर है।

PM E-Drive योजना क्या है?

PM E-Drive योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक प्रमुख EV सब्सिडी स्कीम है, जो पुरानी FAME II (Faster Adoption and Manufacturing of Electric Vehicles) योजना की उत्तराधिकारी है। FAME II योजना मार्च 2024 में समाप्त हुई थी, और उसके बाद सरकार ने PM E-Drive लॉन्च किया। इस योजना का उद्देश्य भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को बढ़ावा देना और घरेलू EV मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना है।

PM E-Drive EV Subsidy Scheme India 2026
PM E-Drive योजना के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलती है सरकारी सब्सिडी

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सब्सिडी: क्या मिल रहा है?

PM E-Drive योजना के अंतर्गत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर निम्नलिखित सब्सिडी दी जा रही है:

  • ₹2,500 प्रति kWh की दर से सब्सिडी
  • अधिकतम ₹5,000 प्रति वाहन की सीमा
  • यह सब्सिडी 31 जुलाई 2026 तक ही उपलब्ध है
  • केवल उन्हीं वाहनों पर लागू जो सरकार की approved list में हैं

इसका मतलब है कि अगर आप 3 kWh बैटरी वाला स्कूटर खरीद रहे हैं, तो आपको अधिकतम ₹5,000 की छूट मिलेगी। यह सब्सिडी वाहन की कीमत में सीधे कटौती के रूप में दी जाती है।

ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर के लिए सब्सिडी

जहाँ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की सब्सिडी जुलाई 2026 में समाप्त हो रही है, वहीं ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर के लिए सब्सिडी मार्च 2028 तक जारी रहेगी। यह निर्णय उन लोगों की मदद के लिए किया गया है जो आजीविका के लिए इन वाहनों पर निर्भर हैं।

बजट 2026-27 में PM E-Drive को ₹1,500 करोड़ आवंटन

केंद्रीय बजट 2026-27 में PM E-Drive योजना के लिए ₹1,500 करोड़ का आवंटन किया गया है। हालांकि यह राशि पिछले वर्षों की तुलना में कम है, लेकिन सरकार का फोकस अब consumer subsidies से हटकर domestic manufacturing incentives पर आ गया है।

Electric Two-Wheeler India EV Policy 2026
भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार तेजी से बढ़ रहा है

PMP लोकलाइजेशन मैंडेट: घरेलू उत्पादन पर जोर

PM E-Drive योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू है Phased Manufacturing Programme (PMP) के तहत लोकलाइजेशन मैंडेट। सरकार अब इलेक्ट्रिक ट्रकों और भारी वाहनों के लिए घरेलू पुर्जों का उत्पादन अनिवार्य कर रही है। इसका उद्देश्य है:

  • भारत को EV मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना
  • चीन पर निर्भरता कम करना, विशेषकर बैटरी सेल्स के लिए
  • घरेलू रोजगार सृजन करना
  • EV component ecosystem को मजबूत करना

FAME II से PM E-Drive तक: EV नीति का सफर

भारत की EV नीति का सफर काफी रोचक रहा है:

  • FAME I (2015-2019): पहली EV सब्सिडी योजना, ₹895 करोड़ का बजट
  • FAME II (2019-2024): ₹10,000 करोड़ का विस्तारित बजट, electric buses और 2-wheelers पर फोकस
  • PM E-Drive (2024-2026+): ₹10,900 करोड़, manufacturing पर जोर, subsidies का gradual phase-out

यह बदलाव दर्शाता है कि सरकार चाहती है कि EV इंडस्ट्री अब अपने पैरों पर खड़ी हो जाए और बिना सब्सिडी के भी competitive रहे।

क्या सब्सिडी खत्म होने से EV बिक्री पर असर पड़ेगा?

यह सवाल बहुत महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई 2026 से पहले खरीदारी में उछाल आ सकता है, क्योंकि लोग last-minute सब्सिडी का फायदा उठाना चाहेंगे। मई 2026 में पहले ही electric two-wheeler sales में 58% की वृद्धि दर्ज की गई है।

हालांकि, लंबे समय में EV की बढ़ती लोकप्रियता, घटती बैटरी कीमतें, और बेहतर charging infrastructure सब्सिडी की कमी को काफी हद तक पूरा कर सकते हैं।

कौन से वाहन PM E-Drive सब्सिडी के लिए योग्य हैं?

PM E-Drive सब्सिडी पाने के लिए वाहन का निम्नलिखित मानदंडों पर खरा उतरना जरूरी है:

  • वाहन किसी approved OEM (Original Equipment Manufacturer) द्वारा निर्मित होना चाहिए
  • वाहन की बैटरी capacity और specifications सरकारी मानकों के अनुसार होनी चाहिए
  • वाहन में advanced battery management system होना चाहिए
  • खरीदारी VAHAN पोर्टल पर registered dealer से होनी चाहिए

TVS, Bajaj, Ola Electric, Ather Energy, Hero Electric जैसी प्रमुख कंपनियों के वाहन इस योजना के तहत eligible हैं।

अभी खरीदें या इंतजार करें?

अगर आप इलेक्ट्रिक स्कूटर या मोटरसाइकिल खरीदने की सोच रहे हैं, तो विशेषज्ञों की सलाह है:

  • जल्द खरीदें: 31 जुलाई 2026 से पहले खरीदकर ₹5,000 तक की सब्सिडी का फायदा उठाएं
  • तुलना करें: विभिन्न models की on-road price compare करें
  • रेंज देखें: अपनी daily commute के अनुसार battery range check करें
  • चार्जिंग सुविधा: घर या नजदीकी area में charging availability जरूर जांचें

निष्कर्ष

PM E-Drive योजना भारत के EV transition में एक महत्वपूर्ण कदम रही है। जुलाई 2026 में टू-व्हीलर सब्सिडी का समाप्त होना एक नए युग की शुरुआत है — जब EV industry को बाजार के बलबूते पर आगे बढ़ना होगा। सरकार का ध्यान अब manufacturing excellence और infrastructure development पर है, जो दीर्घकालिक दृष्टि से भारत के EV ecosystem के लिए फायदेमंद है।

अगर आप इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने का मन बना रहे हैं, तो जुलाई 2026 से पहले यह फैसला लेना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

यह लेख EV Today द्वारा प्रकाशित किया गया है। ताजा EV समाचार और अपडेट के लिए हमसे जुड़े रहें।

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